Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती 2026 का पर्व बुधवार, 1 अप्रैल को पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें वे भक्ति, शक्ति और धर्म के प्रतीक भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाते हैं। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ और विविध धार्मिक अनुष्ठान पूरे देश में आयोजित किए जाएंगे।
हनुमान जयंती को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान हनुमान की पूजा से साहस, बल और भक्ति की प्राप्ति होती है। इस पर्व पर भक्तजन सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और भगवान हनुमान की प्रतिमा पर सिंदूर, फूल और प्रसाद अर्पित करते हैं।
इस अवसर पर पूजा विधि का विशेष महत्व है। पूजा के दौरान भक्तजन सबसे पहले भगवान हनुमान का ध्यान करते हैं। इसके बाद गंगाजल से स्नान कराकर प्रतिमा को वस्त्र पहनाए जाते हैं। फिर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प, और मिठाई का भोग अर्पित किया जाता है। पूजन के समय हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और राम नाम का स्मरण किया जाता है।
हनुमान जयंती के दिन उपवास रखने की भी परंपरा है। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत का पालन करते हैं और पूरे दिन फल, दूध या केवल जल ग्रहण करते हैं। शाम को आरती के बाद व्रत खोला जाता है।
पूजन के लिए आवश्यक सामग्री में लाल वस्त्र, सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प, मिठाई, फल, धूप, दीप, और हनुमान चालीसा शामिल हैं। इस दिन भक्तजन ‘जय हनुमान ज्ञान गुन सागर’ और अन्य मंत्रों का जाप करते हैं।
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2026) की कथा भी भक्तों के बीच प्रचलित है, जिसमें भगवान हनुमान के जन्म, बाल्यकाल की लीला, सूर्य को निगलने की कथा, लंका दहन और भगवान राम के प्रति उनकी भक्ति का उल्लेख मिलता है। इन कथाओं का वाचन मंदिरों और घरों में किया जाता है।
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2026) का पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दिन कई स्थानों पर भंडारा, प्रसाद वितरण और सामूहिक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
