गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) द्वारा गांधीनगर स्थित हेलिपैड एग्ज़िबिशन सेंटर में GATE 2026 के पहले दिन का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया, जहां उद्योग, सरकार और वैश्विक हितधारकों के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गुजरात की मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम और ‘विकसित गुजरात 2047’ के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, नीतिगत स्थिरता और सतत आर्थिक विकास के लिए राज्य के प्रयासों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “गुजरात ग्रीन ग्रोथ, रिन्यूएबल एनर्जी और स्थायित्व आधारित औद्योगिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है।” उन्होंने सेमिकंडक्टर मिशन, गिफ्ट सिटी और लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
जीसीसीआई के अध्यक्ष संदीप इंजीनियर ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा, “GATE 2026 का दायरा पिछली कड़ियों की तुलना में दोगुना बढ़ा है।” उन्होंने बताया, “इस वर्ष 500 से अधिक प्रदर्शक और 30,000 से अधिक यूनिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि डेलॉइट इंडिया फिलहाल जीसीसीआई के लिए 2047 तक का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के ‘विकसित भारत’ विज़न के अनुरूप है।

टोरेंट पावर लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जिनल मेहता ने ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व पर जोर देते हुए कहा, “वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है, और बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता रणनीतिक प्राथमिकता होनी चाहिए।”
मंच पर अन्य प्रमुख अतिथियों में क्रेडाई नेशनल के अध्यक्ष शेखर पटेल, जीसीसीआई के सीनियर उपाध्यक्ष राजेश गांधी, उपाध्यक्ष अपूर्व शाह, पूर्व अध्यक्ष अजय पटेल, मानद मंत्री सुधांशु मेहता, मानद मंत्री (रीजनल) बिपेंद्रसिंह जाडेजा और मानद कोषाध्यक्ष गौरांग भगत उपस्थित रहे।
दोपहर में “सीईओ पावर पैनल: बिल्डिंग ग्लोबल-स्केल एंटरप्राइजेज” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित हुई। इसमें सौम्य इंजीनियर, अक्षत दोशी, प्रियव्रत मफतलाल और श्रेयांस ढोलकिया जैसे कॉरपोरेट नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय विस्तार के अनुभव साझा किए। इस सत्र का संचालन डेलॉइट इंडिया के के. आर. सेखर ने किया।
दिन के अंत में संजय घोड़ावत ग्रुप के चेयरमैन संजय घोड़ावत ने “शून्य से शिखर तक: अनिश्चितता के समय में नेतृत्व” विषय पर मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने चुनौतियों को पार करने के लिए लचीलापन और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित किया।
एडमिन ब्लॉक में आयोजित सेमिनारों में उद्यमिता और स्टार्टअप निवेश पर चर्चा हुई। “द पिच मैराथन 1” सत्र में अग्रणी वेंचर कैपिटलिस्ट्स और निवेशकों ने उभरते स्टार्टअप विचारों का मूल्यांकन किया। इसके बाद “भारत में प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप निवेश के वर्तमान रुझान” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई।
