प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह चेस्ट इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती थीं। शनिवार, 12 अप्रैल 2026 को मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। आशा भोसले का संपूर्ण जीवन संगीत को समर्पित रहा और उनका योगदान भारतीय सिनेमा में अविस्मरणीय माना जाता है।
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को सांगली में हुआ था। उन्होंने 1943 में अपने करियर की शुरुआत की और करीब आठ दशकों तक सक्रिय रहीं। फिल्मी गानों के साथ-साथ उन्होंने कई अन्य भाषाओं और शैलियों में भी गायन किया। आशा भोसले को उनके बहुमुखी गायन, प्रयोगधर्मिता और मधुर आवाज के लिए जाना जाता था।
आशा भोसले ने अपने जीवन में कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए। उन्हें 2000 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा 2018 में बंग बिभूषण सम्मान भी उन्हें प्रदान किया गया था।
उनका निजी जीवन भी चर्चा में रहा। आशा भोसले ने पहली शादी 1949 में गणपत राव भोसले से की थी, लेकिन 1960 में दोनों अलग हो गए। बाद में 1980 में उन्होंने संगीतकार आरडी बर्मन से विवाह किया। आरडी बर्मन उनसे छह वर्ष छोटे थे। उनका यह रिश्ता भी काफी सुर्खियों में रहा।
आशा भोसले के तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक, वर्षा भोसले, भी चर्चा में रही थीं। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर और बहन लता मंगेशकर भी भारतीय संगीत जगत की जानी-मानी हस्तियां थीं।
आशा भोसले का संगीत करियर बेहद सफल रहा। उन्होंने अनगिनत हिट गाने दिए और कई पीढ़ियों के संगीतप्रेमियों के दिलों पर राज किया। फिल्मी गीतों के अलावा उन्होंने ग़ज़ल, भजन और पॉप म्यूजिक में भी अपनी खास पहचान बनाई।
उनकी बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबर से ही प्रशंसकों और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। निधन की सूचना मिलते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया।
आशा भोसले के निधन के बाद भारतीय संगीत जगत ने एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनका संगीत और गायकी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
