दिल्ली से लखनऊ का सफर अब हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन से मात्र 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से यात्रा समय में अभूतपूर्व कमी आएगी। वर्तमान में दिल्ली से लखनऊ की दूरी वंदे भारत या शताब्दी से लगभग 6.5 घंटे में तय होती है, लेकिन बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद यह सफर केवल 2 घंटे में पूरा होगा।
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (डीवीएचएसआर) प्रोजेक्ट को फरवरी 2026 के बजट में विशेष प्राथमिकता मिली है। इस प्रोजेक्ट के तहत लेजर तकनीक (लाईडार) से सर्वेक्षण भी पूरा किया जा चुका है। दिल्ली से वाराणसी तक 865 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होगा और उत्तर प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।
इस रूट के प्रस्तावित स्टेशन हैं- सराय काले खां (दिल्ली), नोएडा सेक्टर 146, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी। अयोध्या के लिए लखनऊ के पास से 135 किलोमीटर लंबी विशेष लिंक लाइन भी प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी होगी।
बुलेट ट्रेन से दिल्ली से वाराणसी का सफर मात्र 4 घंटे में तय होगा, जबकि अभी इसमें 8 से 11 घंटे का समय लगता है। दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन को मल्टी-मोडल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ बुलेट ट्रेन, दिल्ली मेट्रो और नमो भारत (आरआरटीएस) की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के समीप स्टेशन बनने से विदेशी पर्यटकों को आगरा और बनारस जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँचना आसान होगा।
रेलवे मंत्रालय की योजना है कि यह परियोजना वर्ष 2035 से 2040 के बीच पूरी तरह संचालित हो जाए। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद के बाद यह देश का सबसे महत्वपूर्ण बुलेट ट्रेन कॉरिडोर होगा। इससे यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों—नोएडा और लखनऊ के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन पर्यटन को भी नई गति देगी। आगरा, अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक शहरों तक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का आवागमन आसान होगा। साथ ही, हाई-स्पीड रेल से प्रदेश के 14 शहरों की किस्मत चमकने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रौद्योगिकी के लिहाज से बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का डेटा संग्रह अत्याधुनिक लेजर तकनीक से हुआ है, जिससे निर्माण कार्य में सटीकता बनी रहेगी। परियोजना के पूरे होने पर दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी तक का सफर न सिर्फ तेज, बल्कि सुविधाजनक भी होगा।
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, “आगामी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से दिल्ली-लखनऊ यात्रा समय केवल 2 घंटे रह जाएगा।” ऐसे में यह परियोजना देश की रेल यात्रा में बड़ा बदलाव लाने जा रही है।
